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Party leader पार्टी नेता, Leaders नायक Location:-Sehore, Madhya Pradesh, India

किसानों के हित में हैं हमारी नीति और नीयत

18 Dec 2020

मेरे प्यारे किसान भाईयों एवं प्रदेशवासियों,

 मेरा एक ही सपना है सशक्त और समृद्ध किसान। किसान मेरे लिए भगवान समान हैं, भगवान के बाद मेरे दिल के सबसे करीब किसान ही हैं। किसानों के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं, किसान होना गर्व की बात है और मुझे गर्व है कि एक किसान हूं। किसान होने के नाते मैं दिन-रात किसानों के हित के लिए कुछ नया करने का प्रयास करता हूं। मेरे प्रयास में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और सच्चे किसान हितैषी नरेन्द्र मोदी जी का मार्गदर्शन और उनके नवाचारी कदम ऊर्जा का कार्य करते हैं। मोदी जी से बड़ा किसान हितैषी कोई नहीं हो सकता है, जब से उन्होंने देश के लिए काम करना शुरू किया उनके एंजेंडे में हमेशा से किसान और कृषि शामिल रही है। दूरदृष्टि और आगे की सोच रखने वाले मोदी जी खेती को लाभ का धंधा और किसानों की आय दोगुना करने को लक्ष्य मानते हुए पूरी प्रतिबद्धता से अथक काम कर रहे हैं। 


पिछले 15 वर्षों में मध्यप्रदेश में खेती किसानी को लेकर जितना काम हुआ उतना कभी नहीं हुआ। हमने किसानों की जरूरतों को समझा, अंधियारा दूर कर समुचित बिजली दी, बेहतर सिंचाई सुविधाएं दी, अधोसंरचना दी, न केवल उन्नत बीज और खाद दिया, बल्कि उन्नत तकनीक से भी जोड़ा। इसी का सुपरिणाम है कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार सातवीं बार मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित किया गया। आज हमारे अन्नदाता आनंदित हैं, जिन्हें मुस्कुराता देख मेरा दिल प्रसन्न हो जाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि नरेन्द्र मोदी जी के उत्कृष्ट नेतृत्व और कुशल मार्गदर्शन में देश-प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी होगी, किसान सशक्त होंगे और समृद्ध बनेंगे।


खेती लाभ का व्यवसाय तब बनेगी, जब उत्पादन में वृद्धि होगी, लागत में कमी होगी, उपज का अधिक दाम मिलेगा, यदि उपज का नुकसान होता है तो उसकी उचित भरपाई होगी और बाजार में उपज के लिए प्रतिस्पर्धा होगी। किसानों और किसानी की दिशा और दशा सुधारने के लिए संकल्पित हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी इन्हीं उपायों के साथ किसानों को आगे बढ़ा रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए हमारी सरकार द्वारा उन्नत, उपचारित और प्रमाणित बीज दिया जा रहा है, स्वाइल हेल्थ कार्ड की मदद से मृदा का परीक्षण कर उसके अनुकूल खाद-पानी देने की सलाह दी जा रही है, पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है और बेहतर सिंचाई सुविधा प्रदान की जा रही है। लागत कम करने के लिए हमारे द्वारा कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है, शून्य ब्याज पर ऋण दिया जा रहा है, किसान सम्मान निधि के तौर पर प्रदेश के किसानों को 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं किसानों को फसल का सही दाम मिले इसके लिए नए कानून के तहत जहां मर्जी वहीं उपज बेचने की आजादी दी गई है, हमने मंडी अधिनियम में संशोधन किया, मंडी टैक्स कम किया, मंडी आने की बाध्यता को खत्म किया, अब किसानों को जहां फसल के दाम ज्यादा मिलेंगे वहां वह अपनी उपज बेच सकता है।
भगवान न करे यह सब देखने को मिले लेकिन किसी प्राकृतिक आपदा या व्याधि के कारण किसी किसान की फसलों का नुकसान होता है तो हमारी सरकार ने उसे उचित राहत देने का काम किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वित्‍त वर्ष 2018-19 और 2019-20 में 42.05 लाख किसानों को दावा राशि के तौर पर 8646 करोड़ रुपये का भुगतान हमारी सरकार द्वारा किया गया। इन सबके अलावा बाजार में यदि प्रतस्पर्धा रहेगी तो किसानों की आय निश्चित बढ़ेगी। मोदी जी द्वारा लाए नए कृषि कानून से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनेगा किसान अपनी उपज मंडी, प्राइवेट मंडी, व्यापारी, फूड प्रोसेसर अन्य किसी कंपनी व संस्था को बेचने के लिए स्वतंत्र रहेगा। बिना किसी बिचौलिए के वह अपनी उपज मर्जी के दाम पर बेच कर ज्यादा मुनाफा कमा सकता है।
हमने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया है जिसमें कृषि को भी शामिल किया है। एफपीओ से जुड़कर हजारों छोटे किसान समृद्ध होंगे। हमने आत्मनिर्भर कृषि मिशन का गठन किया है। मुझे इस बात की खुशी है कि कृषि अधोसंरचना विकास फंड में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है।    


आज आधुनिकता का दौर है, हर जगह नई आधुनिकीकरण और उन्नतिकरण पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में खेती- किसानी पीछे क्यों रहें? हमारी सरकार द्वारा किसानों को एडवांस बनाया जा रहा है। प्रदेश में ब्लॉक चेन, आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस यानि एआई, डाटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग अधारित नवाचार जैसी अत्याधुनिक तकनीक पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित कृषक उन्मुखी सेवाओं हेतु सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सदुपयोग से हम किसानों को मण्डी  भाव, मौसम की जानकारी, विभागीय योजनाओं की कृषक उन्मुखी जानकारी, पाक्षिक एडवायजरी, मृदा उर्वरता आधारित उर्वरक अनुशंसा, कृषि आदान जैसे बीज, उर्वरक और कीटनाशक आदि उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। हमारे द्वारा एम.पी. मोबाइल प्लेटफार्म पर विभिन्न विषयों जैसे मौसम, बीज उपलब्धता, कृषि यंत्र तथा विभाग से संबद्ध संस्थानों द्वारा फीड की जाती है।
खेती-किसानी बिना सिंचाई सुविधा के नहीं हो सकती है, प्रधानमंत्री मोदी जी का उद्देश्य “प्रति बूंद अधिक फसल” का है। हम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का बेहतर क्रियान्वयन कर रहे हैं। हमने 15 वर्षों में प्रदेश का सिंचाई बजट 1005 करोड़ से बढ़ाकर 10 हजार 928 करोड़ रुपये तक कर दिया है। पहले सिंचाई 7.50 लाख हेक्टेयर तक होती थी, लेकिन हमने सिंचाई क्षमता को 6 गुना बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर तक कर दिया और इसे हम 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। इस समय प्रदेश में 60 हजार 7 करोड़ रुपये से अधिक की 27 बड़ी, 47 मध्यम और 287 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, इससे 4 लाख हेक्टेयर की सिंचाई सुविधा विकसित की जा चुकी है। कोरोना के भयावह दौर में भी हमने 682 करोड़ रुपये की 41 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में हम आने वाले 3 वर्षों में 30 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति देंगे। इस तरह मैं यह कह सकता हूं कि हमारी सरकार के सनियोजित कदमों और प्रयासों तथा किसाना भाईयों के सहयोग से किसान और किसानी लाभांवित होंगे।
जय किसान, जय मध्यप्रदेश, जय हिंद!

आपका 

शिवराज सिंह चौहान